Friday, 10 July 2015

अध्ययन से पूर्व बाईबल को समझना भाग 3

III परमेश्वर का वचन और मनुष्य का वचन 
 
परमेश्वर ने अपने वचनों को भेजने के लिये मनुष्यों के शब्दों का स्तमाल किया परंतु उसने उन्हें अपने शब्दों  को लिखबाने के लिये एक बाबू या टाईपिंग मशीन के समान स्तमाल नही किया। दाऊद ने बुरे वक्त के समय परमेश्वर की सहायता के विषय में कई भजनों को लिखा, पौलुस ने कलीसियाओं की समस्या सम्बंधी पत्रों को लिखा। 
आप क्या सोचते है, किस प्रकार हमें समझना चाहीये, कैसे परमेश्वर इन लोगो को स्तमाल किया? 
अ)   उसने घटनायों को नियंत्रण में लिया जिसके विषय में मनुष्य ने लिखा।  
आ) उसने हरदम अपने संदेशों को शब्द व शब्द लिखवाया।  
इ)     उसने उन्हे अनुभव के द्धारा लिखने के लिये तैयार किया। 
1 परमेश्वर ने कभी-कभी लोगो से कहा है की किया लिखना है।  
पढ़ीये: प्रका.20:5,6
यूहन्ना ने परमेश्वर का संदेश कैसे प्राप्त किया?
परमेश्वर ने यूहन्ना को बताया किया संदेश लिखना है। 
2 परंतु लुका को इस तरह से कोई संदेश प्राप्त नही हुआ, फिर वह किस प्रकार अपने सुसमाचार को लिखता है?
पढ़ीये: लुका 1:1-4 
वह सही सही रूप में जांच करता है और खोज कर के लिखता है की वास्तव में क्या हुआ था यीशु मसीह के साथ। 3 लुका ने उस घटना को लिखा जिसमे परमेश्वर ने यीशु मसीह के जन्म, जीवन और मृत्यु को नियंत्रण में लिया था। पौलुस ने उन घटनायों के बारे में लिखा जिन को मनुष्य नियंत्रण करता है ना की परमेश्वर। उदा. के लिये, कुरिंथ की कलीसिया में विभाजन और व्यभिचार का पाप। परंतु परमेश्वर ने कलीसिया को इस विषय में शिक्षा देने के लिये पौलुस को तैयार किया।
 
निन्मलिखित बिंदूयों में से कौन सा बिंदू पौलुस की तैयारी के लिये स्तमाल हुआ?
अ)   पौलुस यहूदी था और उसे पुराने नियम की व्यवस्ता अच्छी तरह से मालूम थी।
आ) पौलुस पुनर्जीवित यीशु मसीह से मिला था।  
इ)     पौलुस ने अपने  उद्धार के बाद तीन साल  प्राथना और अध्ययन में बिताये थे। 
4 तीन चरणों को लिखे जिनका स्तमाल परमेश्वर अपने वचनों को लिखने के लिये मनुष्य उपयोग करता है। 
Ø  उसने उन्हे लिखने के लिये कहा 
Ø  उसने घटनायों को नियंत्रण में लिया जिसके विषय में मनुष्य ने लिखा।  
Ø  परमेश्वर ने उन्हे उनके अनुभव से लिखने के लिये तैयार किया। 
5 पढ़ीये: गला. 1:1-5 
अ)   यहा पर परमेश्वर के वचन को लिखे
 
 
 
 
 
आ) यहा पर पौलुस के वचनों  को लिखे 
 
 
 
 
इ)     परमेश्वर और पौलुस के वचनों में क्या अंतर है? 
सारे वचन परमेश्वर के है और साथ ही साथ पौलुस के भी    

पुनर्विलोकन
निम्नलिखित को पूरा करे।
अ)   तीन तरह के तरीके बताये जिनके द्धारा व्यक्ति सामन्यता चीजों को समझता है।

Ø  इंद्रियां 
Ø  भावनाये 
Ø  बुद्धि/ मन
  
   ब)  स्पष्ट करे:  कैसे सारे लोग परमेश्वर की सच्चई के विषय जान सकते है?
    Ø  बाइबल पढ़ने के द्धारा लोग परमेश्वर की सच्चई के विषय जान सकते है
   स)  स्पष्ट करे:  कैसे लोग जान सकते है की परमेश्वर अस्तित्व में है? 
   Ø  उसकी सृष्टि को देखने के द्धारा 
 द)  स्पष्ट करे की क्यो परमेश्वर अब सीधे और व्यक्तिगत, लोगो से बात नही और व्यक्ति रूप में हमारे पास नही आता?

Ø  क्योकि उसने अपनी सृष्टि  और प्रकाशन को यीशु मसीह में सम्पूण कर दीया है   

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