Friday, 10 July 2015

अध्ययन से पूर्व बाईबल को समझना भाग 6

VI वचन के मूल अर्थ खोजना
अब तक हमने सीखा की वचन क्या है, कैसे पढ़ना और आज्ञा पालन करना चाहिये। परंतु ऐसा करने में हमे बहुत ही सतर्क रहना चाहिये क्योकि हमारा आज्ञा पालन शाब्दिक नही परंतु मूल अर्थ जानते हुये होना चाहिये।
1 बाइबल में कई आज्ञायें बहुत ही स्पष्ट है जिनका अर्थ हमे समझने कि आवश्यकता नही परंतु शाब्दिक रूप से उनका आज्ञा पालन किया जाना चाहिये।
उद. के लिये: तू चोरी न करना, तू व्यभिचार न करना, तू हत्या न करना, अपने माता‌‌‌-पिता आदर करना इत्यादि... 
2 परंतु बहुत सी ऐसी आज्ञायें है जिनको हम शाब्दिक रूप से आज्ञा पालन नही कर सकते जैसा बाइबल वर्णन करती है। 
उदाहरण के लिये देखे: मत्ती18:8, लुका14:26 यदि हम इन वचनों उनके अंकित मूल्य मे ग्रहण करते है और कहते की परमेश्वर ने हमको ऐसा ही करने के लिये कहा जैसा लिखा है क्योकि हमे परमेश्वर का वचन  शाब्दिक रूप से ग्रहण करना चाहिये... 
 
आप क्या सोचते है किस तरह से हमे परमेश्वर के वचनों का आज्ञा पालन करना चाहिये?
यह केवल बहुत ही समर्पित मसीही लोगो के संबंध में है

उनके मूल अर्थ को समझे और वर्तमान लागू करे 
जैसा लिखा है बेसा ही आज्ञपालन
आज्ञायों को आऊट औफ डेट जैसा समझे 
 
3 पढ़ीये: मत्ती 5:38-40 और लैव्य.24:19-20 
अ)   यीशु मसीह ने क्या सिखाया? बदला नही लेना 
आ) क्यों फरीसियों ने परमेश्वर के वचन के सही अर्थ को खो दिया? क्योकि उन्होनें वचन के 
मूल अर्थ को समझे बगेर ही शाब्दिक रूप में जैसा है वैसा ही जीवान में अनुसरण किया
4 इसलिये इन शास्त्री फरीसियों ने सोचा बिल्कुल ऐसा करके वे परमेश्वर के वचन का सही सही आज्ञा पालन कर रहे है। 
5 पढ़ीये: लुका 11:42, लेव्य. 27:30 और आमोस 5:24.
अ)   कौन सी आज्ञायें सटीक रूप से फरीसि लोग मानते थे? दशमांस की व्यवास्था (लेव्य. 27:30)
आ) उन्होने कौन सी आज्ञा को पूर्णता: नकार दिया था? ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌न्याय के प्रति परमेश्वर की चिंता  
6  दरअसल फरीसि लोग वचन के कुछ भागो को मानने में असंतुलित थे और कुछ भागो को मानने अनजान
बनते थे 
7 पढ़ीये: मत्ती 22:34-40 

यीशु मसीह ने लोगो को परमेश्वर का वचन समने के लिये कौन सी कुंजी दी, जो वास्तविक अर्थ वचन को देती है?  तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। और उसी के समान यह दूसरी भी है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। 

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