IV परमेश्वर के वचन का पालन
1 पढ़ीये: 2पत.1:1-9
धार्मिक जीवान (ईश्वरीय स्वभाव) जीने के लिये हमारे ज्ञान को किन किन चीजो की अवश्यक्ता है? उल्लिखित करे।
विश्वास, सद्गुण, समझ, संयम, धीरज, भक्ति, भाईचारे की प्रीति, प्रेम।
2 पतरस के अनुसार: वचन से परमेश्वर का ज्ञान प्राप्त करने का क्या उद्देश्य है?
ईश्वरीय स्वभाव के समभागी होना
3 कुछ प्रख्यात बाइबल शिक्षको के साथ यीशु मसीह का अधिकतर बार्तालाव कठोर था। पढ़ीये: यूह.5:39-40 क्यो ये शिक्षक वचन का सही उपयोग करने में असफल रहे?
Ø उन्होनें वचन का पर्याप्त अध्ययन नही किया था
Ø उन्होनें विश्वास नही किया की बाइबल परमेश्वर का वचन है
Ø उन्होनें परमेश्वर के वचन का पालन नही किया
4 पौलुस के अनुसार 2तीमु.3:16-17 में वचन सीखने का क्या उद्देश्य है?
परमेश्वर का जन सिद्ध बनाने और हर एक भले काम के लिये सुशोभित करने के लिये।
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