Friday, 10 July 2015

अध्ययन से पूर्व बाईबल को समझना भाग 4

IV परमेश्वर के  वचन का पालन
1 पढ़ीये: 2पत.1:1-9 
धार्मिक जीवान (ईश्वरीय स्वभाव) जीने के लिये हमारे ज्ञान को किन किन चीजो की अवश्यक्ता है? उल्लिखित करे।  
विश्वास,  सद्गुण,  समझ, संयम,  धीरज, भक्ति, भाईचारे की प्रीति,  प्रेम।
2 पतरस के अनुसार: वचन से परमेश्वर का ज्ञान प्राप्त करने का क्या उद्देश्य है? 
ईश्वरीय स्वभाव के समभागी होना
3 कुछ प्रख्यात बाइबल शिक्षको के साथ यीशु मसीह का अधिकतर बार्तालाव कठोर था। पढ़ीये: यूह.5:39-40 क्यो ये शिक्षक वचन का सही उपयोग करने में असफल रहे?  
 
Ø  उन्होनें वचन का पर्याप्त अध्ययन नही किया था 
Ø  उन्होनें विश्वास नही किया की बाइबल परमेश्वर का वचन है
Ø  उन्होनें परमेश्वर के वचन का पालन नही किया
4  पौलुस के अनुसार 2तीमु.3:16-17 में वचन सीखने का क्या उद्देश्य है?
परमेश्वर का जन सिद्ध बनाने और हर एक भले काम के लिये सुशोभित करने के लिये। 
 

No comments:

Post a Comment