V परमेश्वर के वचन का अधिकार
इससे पहले की हम परमेश्वर की प्रतिज्ञायों का अपने ऊपर दावा करे: जब हम सच में परमेश्वर के वचन को मानते और वो सब करते है जो परमेश्वर हमसे करने के लिये कहता; दरअसल हम यह कहते की बिना किसी स्वार्थ के परमेश्वर के वचन का सम्पूण अधीकार हमारे ऊपर है। उदाहरण के लिये कुछ लोग जिन्होंने परमेश्वर के वचन को
बिना किसी स्वार्थ के सम्पूण रूप से अपने जीवान धारण कर आज्ञायों का पालन किया।
इन दो सूत्रों स्तमाल कीजिए:
अ) परमेश्वर ने उन्हें क्या करने के लिया बुलाया था?
आ) किन बातों परमेश्वर उन्हें द्वितीय स्थान में करने के लिये कहा? (आपको अपनी कल्पना-शक्ति का उपयोग करना है)
1 पढ़ीये: उत्प.6:13-22 में नूह के विषय
Ø गोपेर वृक्ष की लकड़ी का एक जहाज बना ले
Ø अपनी ख्याती, दोस्त तथा अपने काम को छोड़ने को कहा
2 पढ़ीये: उत्प.12:1-5 में अब्राम के विषय
Ø अपने स्वदेश को छोड़कर अनजाने देश को चला जाने को कहा
Ø अपने दोस्त, रिस्तेदार (परिवारिक सम्बंध), व्यापार और जन्म भूमि को छोड़ने को कहा
3 पढ़ीये: उत्प.22:2-5 में अब्राहम के विषय
Ø अपने एक लौते पुत्र को बलीदान करने को कहा
Ø अपने एक लौते पुत्र के प्रति मोह छोड़ने के लिये कहा
5 हमे कैसे पता चलता है की नूह और अब्राहम ने अपने आप को परमेश्वर के वचन के आधीन कर दिया?
इससे पहले उन्होंने किसी परमेश्वर के वायदे का दावा किया वे परमेश्वर के वचन के आज्ञाकारी बने
6 समझाये: 1 कुरिन्थियों 2:13-14 में पौलुसे क्या कहता है?
अ) पौलुसे किसने शिखाया की उसे किया कहना है?
Ø पवित्र आत्मा ने
आ) सर्वोत्तमता से कौन समझ सकता, जो पौलुसे ने लोगो और कलीसिया को शिखाया?
Ø जिनके पास पवित्र आत्मा है
7 जिनके पास परमेश्वर का आत्मा है वो परनेश्वरकेवचन सही तरीके पढ़ते और समझते है
8 जिनके पास परमेश्वर का आत्मा है वो विश्वास करते हें की परमेश्वर अपने वचनों वचन के द्धारा लोगो से बात करता है
9 इसलिये सही तरीके से वचन को समझने के लिये होना चाहिये:
Ø पवित्र आत्मा
Ø विश्वास की परमेश्वर अपने वचनों वचन के द्धारा लोगो से बात करता है
10 तीसरा मार्ग परमेश्वर के वचन को समझने के लिये: वचन का सही अध्ययन करना चाहिये।
इसलिये वचन को समझने के लिये:
Ø पत्राचार कोर्स करना चाहिये
Ø प्रतिदिन बाइबल अध्ययन करना चाहिये
Ø सी आई टी एस में अध्ययन करना चाहिये
Ø बाइबिल की आज्ञा पालन करने के लिए तैयार रहना चाहिये
11 भली भांति बाइबल को समझने के लिये अवस्था बताये जो एक व्यक्ति के पास होनी चाहिये।
अ) पवित्र आत्मा
आ) विश्वास, की परमेश्वर अपने वचनों वचन के द्धारा लोगो से बात करता है
इ) बाइबिल की आज्ञा पालन करने के लिए तैयार रहना चाहिये
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